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शहर सीरत-उन-नबी कमेटी द्वारा “सामाजिक काउंसलिंग सेंटर” की शुरुआत

शहर सीरत-उन-नबी कमेटी द्वारा “सामाजिक काउंसलिंग सेंटर” की शुरुआत

मुस्लिम समाज में सुलह, शांति और सामाजिक सौहार्द के लिए एक सराहनीय पहल

रायपुर। शहर सीरत-उन-नबी कमेटी द्वारा मुस्लिम समाज के बीच आपसी सुलह, मार्गदर्शन और सामाजिक शांति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से “सामाजिक काउंसलिंग सेंटर” की स्थापना कर इसकी औपचारिक शुरुआत की गई। इस सेंटर का उद्देश्य समाज को जोड़ना, बढ़ते विवादों को संवाद के माध्यम से सुलझाना और शांति एवं सद्भाव को बढ़ावा देना है, जहाँ सुलह, रहनुमाई और इंसाफ एक ही छत के नीचे उपलब्ध रहेंगे।
वर्तमान समय में छोटी-छोटी बातों पर रिश्तों में दरार पड़ जाना आम होता जा रहा है। पारिवारिक विवाद, कारोबार से जुड़े मतभेद, गलतफहमियाँ एवं संवाद की कमी जैसी परिस्थितियाँ समाज में तनाव का कारण बन रही हैं। इन्हीं सभी समस्याओं के समाधान को ध्यान में रखते हुए सामाजिक काउंसलिंग सेंटर की आवश्यकता महसूस की गई और इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई।
सामाजिक काउंसलिंग सेंटर में समाज के प्रतिष्ठित, अनुभवी और साफ छवि वाले व्यक्तियों का एक निष्पक्ष पैनल गठित किया गया है, जिसमें पूर्व प्रशासनिक अधिकारी, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता तथा धार्मिक विद्वान शामिल हैं।
काउंसलिंग सेंटर के पैनल में शामिल सदस्य—
शरीफ मोहम्मद (पूर्व अतिरिक्त कलेक्टर),
अब्दुल शफीक खान (सेवानिवृत्त उप पुलिस अधीक्षक – डीएसपी), फैसल रिज़वी (वरिष्ठ अधिवक्ता), सैयद ज़ाकिर अली (वरिष्ठ अधिवक्ता), अब्दुल रफीक खान (पूर्व अधिकारी, सी.एस.ई.बी.), एम.के. घौरी (पूर्व अधिकारी, सी.एस.ई.बी.), निकहत खान (सामाजिक कार्यकर्ता), अय्यूब परीक (सामाजिक कार्यकर्ता), बाबा नवाब (सामाजिक कार्यकर्ता), कारी इमरान (इमाम, बैरन बाजार मस्जिद), नाज़मा परवीन (आलिमा), एडवोकेट शमीम रहमान (सामाजिक कार्यकर्ता, महिला आयोग) यह सामाजिक काउंसलिंग सेंटर राजा तालाब क्षेत्र में बी.पी. पुजारी स्कूल के पीछे स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त, शहर सीरत-उन-नबी कमेटी के कार्यालय बैजनाथपारा, मदरसा चौक में भी आमजन संपर्क कर सकते हैं। जहाँ उनकी समस्याओं को सुनकर काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जाएगा। यह सेंटर पूर्णतः निःशुल्क रहेगा।
शहर सीरत-उन-नबी कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद सोहेल सेठी ने बताया कि यह पहल समाज में बढ़ते विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। संगठनात्मक व्यवस्था की जिम्मेदारी मोहम्मद सिराज द्वारा निभाई जा रही है।
उद्घाटन एवं फातिहा खानी के अवसर पर समाज व कमेटी के अनेक प्रमुख व वरिष्ठ लोग उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से उपस्थित लोगों में एजाज़ खान, फिरोज़ खान, शेख यूनुस, मोहम्मद हसन, अब्दुल नादिर खान, शेख शकील, रिज़वान लतीफ़, सबिहुद्दीन अहमद, नासिर खान, हाशिम खान, मोहम्मद जाफर, अयान सेठी, आतिफ़ सेठी, रिजवान खान, अमजद खान, अमीन खान, कलीम खान, वसीम रिंकू, इसरार , अनवर, नूरा, शफीक खान सहित शहर के अन्य वरिष्ठ एवं गणमान्य नागरिक शामिल थे।
यह जानकारी शहर सीरत-उन-नबी कमेटी के मीडिया प्रभारी शेख शकील एवं अब्दुल नादिर खान द्वारा संयुक्त रूप से दी गई।
कमेटी का उद्देश्य स्पष्ट है—
“झगड़े कम हों, आपसी समझ बढ़े और समाज में अमन, सौहार्द एवं भाईचारा कायम हो।”

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