Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे नवाचार

शिक्षा विभाग के स्टॉल में अभिभावकों ने की स्वामी आत्मानंद स्कूलों की जमकर तारीफ

हाई तथा हायर सेकेण्डरी के सभी विषयों की डिजिटल जानकारी

मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री ने किया स्टॉल का अवलोकन

छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में नए-नए नवाचार किए जा रहे है। स्कूलों की पढ़ाई-लिखाई में गुणवत्ता लाने के लिए डिजिटल माध्यमों का भी सहारा लिया जा रहा है। प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए हिन्दी और अंग्रेजी माध्यम में स्वामी आत्मानंद स्कूलों की शुरूआत की गई है। साइंस कॉलेज मैदान में राज्योत्सव के अंतर्गत लगाये गए शिक्षा विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम के पहंुचने पर विद्यार्थियों के पालकों और अभिभावकों ने स्वामी आत्मानंद स्कूलों की जमकर तारीफ की। इस मौके पर स्कूल बच्चों ने भी हर्ष ध्वनि कर मुख्यमंत्री को अभिवादन किया और उनके साथ सेल्फी ली।

मुख्यमंत्री ने स्टॉल में उपस्थित विद्यार्थियों के पालकों और अभिभावकों से स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल का अनुभव पूछा तो उन्होंने स्कूल व्यवस्था की जमकर तारीफ की। इस मौके पर समावेशी शिक्षा में मुख्यमंत्री को सुविधा सिंह स्पेशल एजूकेटर समावेशी शिक्षा एवं हायर सेकण्डरी स्कूल हीरापुर की दृष्टिहीन छात्रा कुमारी हिमांशी सोनवानी द्वारा स्मार्ट फोन ऑपरेट कर सुगम्य पाठ्यपुस्तक के उपयोग पर जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों को शाबासी दी।

स्कूली शिक्षा

‘हमर स्कूल के नवा दुनिया’ कार्यक्रम के बारे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विषय-विशेषज्ञों द्वारा बच्चों के स्तर और आवश्यकता अनुरूप कक्षा 9वीं से 12वीं तक के सभी विषयों की रोचक जानकारी के वीडियों तैयार किए गए है, जिसे बच्चे कहीं भी कभी भी पढ़कर ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने इन नवाचारी पहल की सराहना की। इस मौके पर उन्हें क्लासरूम प्रोजेक्ट द्वारा डिजिटल माध्यम से पढ़ाई के लिए कक्षा पहली से 12वीं की डिजिटल सामग्री भेंट की गई।

स्कूल शिक्षा विभाग के स्टॉल में व्यवसायिक शिक्षा और बस्ताविहीन स्कूल सहित विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। इसके अलावा बच्चों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न मॉडल्स भी रखे गए हैं।

स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और उनके पुनर्वास संबंधी दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि थैरेपिस्ट द्वारा दिव्यांग बच्चों को दी जाने वाली सुविधाएं जैसे- थैरेपी, उपकरण, छात्रवृत्ति, उपचार, जांच, दिव्यांगता प्रमाण पत्र सहित अन्य महत्वपूर्ण सुविधाएं दी जा रही है।

स्कूल शिक्षा विभाग के स्टाल को उत्तर बस्तर कांकेर के नरहरदेव उच्चतर विद्यालय का स्वरूप दिया गया है। इसमें स्कूल शिक्षा विभाग के सभी योजनाओं जैसे- स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल, आईसीटी, समावेशी शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा को प्रदर्शित किया गया। स्टॉल में बच्चे अपनी पढ़ने की गति से अवगत हुए, इन बच्चों को समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक के हस्ताक्षर युक्त प्रमाण पत्र दिया गया।

इस अवसर पर सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. एस. भारतीदासन, संचालक लोक शिक्षण श्री सुनील जैन, प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा श्री नरेंद्र दुग्गा, अतिरिक्त संचालक एससीईआरटी डॉ. योगेश शिवहरे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री आर. एल. ठाकुर, सहायक संचालक साक्षरता मिशन श्री प्रशांत पांडेय एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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