बिलासपुर। इसी कड़ी में नेहरू चौक में धरना प्रदर्शन किए और विरोध जताया, आपको बता दे हसदेव अरण्य वन को बचाने के लिए पूरे भारत के अदितत्य सेवा संस्थान के साथ विभिन्न संगठन, समाज, नागरिक अपना-अपना निवेदन व आवेदन प्रस्तुत किये हैं। हसदेव में उत्खन्न चालु करने से लाखों की संख्या में वृक्षों को काटना एवं लाखों जीवों का जीवन संकट में आना व वर्षा का प्रभावित होना, हसदेव नदी का सुख जाना, बांधों में जल का कमी हो जाना सर्वविदित है। जिसे नो गो जोन घोषित किया गया है, फिर भी उत्खन्न किये जाने पर छत्तीसगढ़ के भविष्य को ग्रहण लगने जैसा हैं। भारत के ही नहीं बल्कि विश्व भर के विभिन्न संगठन, समाज एवं पर्यावरण प्रेमी, वृक्ष रोपण करने वाले समूह को हृदयघात जैसा लग रहा है। कोयला ऊर्जा के कई विकल्प है, परन्तु जंगल का नहीं इसलिए ऐसे कोलब्लाक जिससे पर्यावरण को नुकसान न हो, उसे चालु कराये और अरण्य को बचा ले। इस अवसर पर एकजुट हुए लोगो ने आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। अगर सुनवाई नही होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
हसदेव अरण्य वन को बचाने के लिए पूरे देश में आंदोलन, इसी कड़ी में बिलासपुर नेहरू चौक में प्रदर्शन
May 15, 2022
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