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सोमवार को इन राज्‍यों में मूसलाधार बारिश के आसार

देश के कई राज्‍यों में लगातार और तेज बारिश होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी पर डिप्रेशन विकसित होने वाला है। इसके चलते नॉर्थ ईस्ट मॉनसून प्रभावी हो जाएगा और कई राज्यों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। नवंबर के तीसरे सप्‍ताह में अब सर्दी बढ़ गई है। दो दिन पहले अरब सागर से एक समुद्री तूफान उठने की संभावना थी लेकिन अब उसकी दिशा बदल गई है। हालांकि इस बीच देश में मौसम बदल रहा है। मौसम के जानकारों का कहना है कि अगले 24 से 36 घंटों में अनेक राज्‍यों में बारिश हो सकती है। यह बारिश हल्‍की से तेज स्‍तर की देखी जाएगी। इस बारिश के चलते सर्दी भी बढ़ेगी। साथ ही बर्फबारी के भी आसार हैं। स्‍कायमेट वेदर के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत का मौसम बदल सकता है। यहां एक नया पश्चिमी विक्षोभ आएगा और इसके चलते श्रीनगर, शिमला, उत्तरकाशी समेत कई शहरों में बारिश और बर्फबारी होगी। अगर मौसम विभाग की माने तो अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में बारिश जारी रहेगी। IMD आईएमडी ने कहा, आमतौर पर आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। केरल और तमिलनाडु को फिर से बारिश देने के लिए दक्षिणी राज्यों पर मिनी मॉनसून सक्रिय होने वाला है। जबकि उत्तर भारत में प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ का इंतज़ार रहेगा। ओडिशा, तेलंगाना में हल्की वर्षा के आसार हैं। तापमान में गिरावट का क्रम रुक जाएगा। जानिये देश में कहां कैसा मौसम रहेगा।
24 से 26 नंवबर तक यहां भारी बारिश के आसार – – 24 और 25 नवंबर को तमिलनाडु के तटवर्ती जिलों में अधिकांश जगहों पर मूसलाधार वर्षा के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। स्थानीय तौर पर बाढ़ की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं।
आंध्र प्रदेश में बारिश की गतिविधियां सबसे ज्यादा 25 और 26 नवंबर को होंगे। चेन्नई और पुडुचेरी में भारी वर्षा होने की संभावना 25 और 26 नवंबर को है।
तमिलनाडु के अंदरूनी हिस्सों में मध्यम से तेज वर्षा की संभावना है। दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटीय भागों और रायलसीमा में भी 23 नवंबर से 26 नवंबर के बीच इन भागों में कई स्थानों पर व्यापक वर्षा हो सकती है।
देश के उत्तरी और दक्षिणी किनारों पर बारिश बढ़ने की संभावना है। उत्तरी भागों और दक्षिणी राज्यों में मौसमी की सक्रियता बढ़ने के चलते बारिश में कमी की भरपाई की संभावना है।
जम्मू कश्मीर से लेकर गिलगित, बालटिस्तान, मुजफ्फराबाद, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड 22 से 25 नवंबर के बीच कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम और कहीं तेज़ वर्षा व बर्फबारी की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
उत्तर भारत पर बना पश्चिमी विक्षोभ कमजोर होकर आगे निकाल गया। जम्मू कश्मीर, लददक्ष में हल्की वर्षा हो सकती है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड में हल्की वर्षा के आसार हैं। केरल, तमिल नाडु में छिटपुट वर्षा का अनुमान है।
पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों में आंशिक बादल छाने और गर्जना के साथ हल्की वर्षा या बूँदाबाँदी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
आगामी सिस्टम के कारण वैष्णो देवी, जम्मू, श्रीनगर, ऊधमपुर से लेकर गुलमर्ग, कुलगाम, पहलगाम, भद्रावाह समेत कई लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर वर्षा और हिमपात का अनुमान है।
हिमाचल प्रदेश में ऊंचाई वाले इलाकों लाहौल स्पीति, केलोंग, चंबा, कुल्लू, किन्नौर में बर्फबारी हो सकती है। शिमला में भी हल्की बर्फबारी की संभावना रहेगी।
उत्तराखंड में उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात हो सकता है और ऋषिकेश, हरिद्वार, देहारादून में बारिश देखने को मिल सकती है।
21 से 23 नवंबर के बीच केरल में बारिश काफी कम हो जाएगी। लेकिन बारिश का अगला स्पैल 23 नवंबर से शुरू होगा क्योंकि बंगाल की खाड़ी के मध्य और दक्षिण पूर्वी भागों पर एक नया मौसमी सिस्टम उभरता हुआ नजर आ रहा है।
21 नवंबर से केरल समेत दक्षिणी प्रायद्वीप भारत में बारिश की गतिविधियां कुछ समय के लिए कम हो जाएंगी। अगर चक्रवाती तूफान अरब सागर में विकसित होता है तो यह यमन या ओमान की तरफ जाएगा और भारत के तटों को इससे खतरा नहीं होगा।
एक नया मौसमी सिस्टम यानी पश्चिमी विक्षोभ कैस्पियन सागर से उठने के बाद उत्तर भारत की तरफ आने वाला है। यह सिस्टम 22 नवंबर से उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों को प्रभावित करेगा।आगामी 24 घंटों के दौरान इन दोनों राज्यों के कई इलाकों में इसी तरह से मूसलाधार वर्षा जारी रहने की संभावना है। उसके बाद 23 नवंबर से गतिविधियां कुछ कम हो जाएंगी।
दिल्ली में नवंबर की सर्दी ने तोड़ा 14 साल का रिकार्ड
राजधानी दिल्ली में ठंड इस बार नित नए रिकार्ड बना रही है। अक्टूबर की ठंड ने 58 सालों का रिकार्ड तोड़ा तो अब नवंबर में आयेदिन रिकार्ड टूट रहे हैं। नवंबर महीने के 20 दिनों में ही ऐसी कई सुबह दर्ज हो चुकी हैं, जो 2010 के बाद से सबसे ठंडी रहीं। शुक्रवार को नवंबर में न्यूनतम तापमान ने 14 वर्ष का रिकार्ड तोड़ दिया। मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम 7.5 डिग्री सेल्सियस रहा। 2007 से लेकर अभी तक नवंबर का यह सबसे कम न्यूनतम तापमान है। इस माह में इतना कम न्यूनतम तापमान अमूमन नहीं जाता। इससे पूर्व वर्ष 2006 में 29 नवंबर के दिन न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। आलम यह है कि पहले जो ठंड दिसंबर में पड़ा करती थी, इस साल दिल्ली वाले नवंबर में ही महसूस कर रहे हैं। स्काईमेट वेदर के मुख्य मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने बताया कि इस तरह के मौसम में सर्दी तेजी से बढ़ती है। शनिवार को भी कमोबेश ऐसा ही मौसम बना रहेगा। अधिकतम व न्यूनतम तापमान क्रमशः 24 और 8 डिग्री रहने की संभावना है।
देश में अभी और बढ़ेगी ठंड
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने भविष्यवाणी की है कि सोमवार से देश में तापमान गिरना तय है। मौसम विभाग ने एक बयान में कहा कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण सोमवार से पूरे उत्तर भारत में तापमान गिर जाएगा। अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा, जबकि न्यूनतम तापमान 12 डिग्री तक गिर सकता है। पश्चिमी विक्षोभ पंजाब, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा के मैदानी इलाकों को मुख्य रूप से प्रभावित करता है। जम्मू और कश्मीर में बर्फबारी की संभावना है। तापमान दिसंबर के स्तर तक नहीं गिरेगा लेकिन 3-4 डिग्री तक की गिरावट होगी। आईएमडी ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर के लोगों को सोमवार से वायु प्रदूषण से राहत मिलेगी, तेज हवाओं और बारिश के कारण। हालांकि मौसम विभाग ने कहा कि AQI अगले दो से तीन दिनों तक ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बना रहेगा, बुधवार से स्थिति में सुधार शुरू हो जाएगा। आईएमडी के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा, “यह कहा जा सकता है कि AQI स्तर में सुधार के कारण लोगों को वायु प्रदूषण से थोड़ी राहत मिलेगी क्योंकि अगर आज तेज हवाओं के कारण बारिश होती है, तो हवा की गुणवत्ता बहुत बेहतर होगी। कुछ स्थानों पर अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 30 डिग्री सेल्सियस और 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

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